Business ideas: गाय के गोबर से सोना बनाने वाली मशीन, 5 सबसे ज्यादा बिकने वाले प्रोडक्ट बनेंगे, 2 लाख महीने के

Business ideas: भारत में गाय का गोबर सदियों से बेकार समझा जाता था, लेकिन अब समय बदलने वाला है! नई-नई मशीनों की बदौलत, गोबर अब किसानों के लिए धन का स्रोत बनता जा रहा है। ये अत्याधुनिक मशीनें गोबर को जैविक खाद, बायोफ्यूल, निर्माण सामग्री और भी बहुत कुछ में बदल देती हैं, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ रही है।


Business ideas: Separation Machine

भारत में 20 करोड़ से ज़्यादा गायें रोज़ाना 1 बिलियन टन से ज़्यादा गोबर पैदा करती हैं। परंपरागत रूप से गोबर को केवल जलाने या खाद बनाने में इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब नई तकनीक की मदद से किसान इस मुफ्त संसाधन से कई गुना ज़्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। खास मशीनों की मदद से गोबर को ऊँचे मूल्य के उत्पादों में बदलना किसानों के लिए नए कारोबार और अतिरिक्त आय का ज़रिया बन गया है।

गोबर सुखाने और अलग करने वाली मशीनें

सबसे महत्वपूर्ण मशीनों में से एक गोबर सुखाने और अलग करने वाली मशीन है। यह मशीन घूमने वाले ड्रम के ज़रिए ताज़े गोबर को सुखाकर, उसका ठोस और तरल हिस्सा अलग कर देती है। सूखे ठोस पदार्थ को फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में दबाकर बायोफ्यूल की तरह जलाया जा सकता है। तरल पदार्थ को खाद बनाने वाले डिजेस्टर में डालकर जैविक बायोगैस में बदला जा सकता है या सीधे पौधों में डालकर प्राकृतिक तरल खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

बायोगैस प्लांट से स्लरी भी अलग करेगा

बायोगैस प्लांट वाले किसानों के लिए गोबर का पूरा इस्तेमाल करने वाली एक और कमाल की मशीन आई है! यह मशीन गैस बनाने के बाद बचे हुए गोबर को छींटकर अलग कर देती है। ठोस गोबर तो बेहतरीन जैविक खाद बनता है, वहीं तरल गोबर को खेतों पर स्प्रे किया जा सकता है या सिंचाई में इस्तेमाल किया जा सकता है। ये मशीनें बायोगैस बनाने में इस्तेमाल होने वाले गोबर से पूरा-पूरा फायदा लेने में मदद करती हैं।

ये प्रोडक्ट बनते है

गोबर का महत्व बढ़ रहा है, साथ ही कुछ किसान इससे टिकाऊ घर बनाने का नया तरीका निकाल रहे हैं। मशीनें गोबर को दबाकर ऐसे पट्टे या ईंट बना देती हैं जिन्हें घर बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर जूट और चूने जैसी चीज़ों के साथ मिलाया जाए, तो गोबर मज़बूत और गर्मी रोकने वाला बन जाता है। दीवारों, फर्श और छत के लिए ये लाजवाब होता है। सीमेंट जैसे ज़्यादा बिजली लेने वाले सामानों की जगह गोबर इस्तेमाल करने से मकान बनाने का पर्यावरण पर भी ज़्यादा असर नहीं पड़ता। साथ ही गोबर की लकडिया, हवन में काम में ली जाने वाली लकडिया, व् स्लरी को आजकल खेतो में डाला जाता है

नई कमाई के तरीके

गोबर से बायोफ्यूल, खाद और निर्माण सामग्री बनाने से भारत के डेयरी किसानों की आमदनी बढ़ सकती है। पहले से ही दूध बेचकर कमाई करने वाले किसान अब तैयार गोबर उत्पादों से भी मुनाफा कमा सकते हैं। डेयरी सहकारी समितियां भी अपने सदस्यों को मशीनें चलाने का तरीका सिखाने और ज़रूरी उपकरण मुहैया कराने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

भले ही गोबर प्रसंस्करण में कुछ मशीनें और लागत की ज़रूरत हो, लेकिन भारत में मुफ्त में मिलने वाले गोबर की भरपूर मात्रा इस कारोबार को फायदेमंद बनाती है। एक गाय साल में 10 टन से ज़्यादा गोबर देती है, यानी सिर्फ 50 गायों वाले किसान के पास साल में 500 टन गोबर होता है! कई किसान मिलकर अलग-अलग खेतों से गोबर इकट्ठा करके सामुदायिक प्रसंस्करण केंद्र भी चला रहे हैं।

गोबर उत्पादों से बढ़ी आमदनी हमारे देश के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगी। ज़्यादातर काम मशीनें करती हैं, इसलिए किसानों को ज़्यादा मेहनत की ज़रूरत नहीं होती। गोबर अब सिर्फ खाद नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में खुशहाली लाने का नया रास्ता बन सकता है!

पर्यावरण अनुकूल भी है

बर से टिकाऊ उत्पाद बनाने से न सिर्फ किसानों की जेबें गुलजार हो रही हैं, बल्कि पूरे देश के पर्यावरण को भी फायदा मिल रहा है। यह नया तरीका कम कर रहा है:

  • जीवाश्म ईंधन का उपयोग: बायोगैस का इस्तेमाल रसोई गैस या बिजली बनाने में हो सकता है, जिससे कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों की ज़रूरत कम हो जाती है।
  • रसायनिक खाद का प्रयोग: गोबर की प्राकृतिक खाद पौधों को पोषण देती है, जिससे केमिकल वाले उर्वरकों की ज़रूरत कम होती है। इससे मिट्टी की सेहत और पानी की गुणवत्ता बेहतर होती है।
  • उच्च कार्बन निर्माण सामग्री: गोबर की ईंटें वगैरह पर्यावरण पर कम भार डालती हैं, सीमेंट और स्टील जैसे ज़्यादा कार्बन उत्सर्जित करने वाले भवन पदार्थों का इस्तेमाल घटता है।

गोबर से सोना, किसानों का नया सपना

गोबर का उच्च मूल्य उत्पादों में रूपांतरण एक ऐसी उपलब्धि है जिससे सबको फायदा होता है:

  • किसानों को अतिरिक्त आय: आसानी से मिलने वाले मुफ्त कच्चे माल से बने ये उत्पाद किसानों की आमदनी बढ़ा रहे हैं।
  • ग्रामीण समुदायों का विकास: नया कारोबार रोज़गार के अवसर और आत्मनिर्भरता ला रहा है।
  • हरित ईंधन, खाद और निर्माण सामग्री: कचरे से बने ये उत्पाद पर्यावरण के रक्षक बन रहे हैं।

भारत के लिए गाय का गोबर अब सिर्फ उपले नहीं, बल्कि सोने का खदान बनता जा रहा है। इस सरल नवाचार से न केवल किसानों का जीवन बेहतर हो रहा है, बल्कि हम सब एक स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

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5 thoughts on “Business ideas: गाय के गोबर से सोना बनाने वाली मशीन, 5 सबसे ज्यादा बिकने वाले प्रोडक्ट बनेंगे, 2 लाख महीने के”

  1. I have gone through with this valuable report. Please I want this machine to process whole Gobar procedure. FYI, I have 4 cows and 9 Bufallows, 2 Horses etc. Thanks

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